//चंदौली के कवि-लेखक//
संक्षिप्त परिचय:-
नाम : गोलेन्द्र पटेल (क्रांतिकारी जनकवि, जनपक्षधर्मी लेखक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चिंतक : पूर्व शिक्षार्थी, हिन्दी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी)
उपनाम/उपाधि : 'गोलेंद्र ज्ञान', 'गोलेन्द्र पेरियार', 'युवा किसान कवि', 'हिंदी कविता का गोल्डेनबॉय', 'काशी में हिंदी का हीरा', 'आँसू के आशुकवि', 'आर्द्रता की आँच के कवि', 'अग्निधर्मा कवि', 'निराशा में निराकरण के कवि', 'दूसरे धूमिल', 'काव्यानुप्रासाधिराज', 'रूपकराज', 'ऋषि कवि', 'कोरोजयी कवि', 'आलोचना के कवि', 'महास्थविर', 'अद्यतन कबीर', 'शब्द सुश्रुत' एवं 'दिव्यांगसेवी'।
जन्म : 5 अगस्त, 1999 ई.
जन्मभूमि : बसाढ़ी, अधवारे, मिर्ज़ापुर, उत्तर प्रदेश, भारत।
कर्मभूमि : खजूरगाँव, साहुपुरी, चंदौली, उत्तर प्रदेश, भारत।
शिक्षा : बी.ए. (हिंदी प्रतिष्ठा) व एम.ए., बी.एच.यू., हिन्दी से नेट।
भाषा : हिंदी व भोजपुरी।
विधा : कविता, नवगीत, कहानी, निबंध, नाटक, उपन्यास व आलोचना।
माता : श्रीमती उत्तम देवी
पिता : श्री नन्दलाल
पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन :
कविताएँ और आलेख - 'प्राची', 'बहुमत', 'आजकल', 'व्यंग्य कथा', 'साखी', 'वागर्थ', 'काव्य प्रहर', 'प्रेरणा अंशु', 'नव निकष', 'सद्भावना', 'जनसंदेश टाइम्स', 'विजय दर्पण टाइम्स', 'रणभेरी', 'पदचिह्न', 'अग्निधर्मा', 'नेशनल एक्सप्रेस', 'अमर उजाला', 'पुरवाई', 'सुवासित' ,'गौरवशाली भारत' ,'सत्राची' ,'रेवान्त' ,'साहित्य बीकानेर' ,'उदिता' ,'विश्व गाथा' , 'कविता-कानन उ.प्र.' , 'रचनावली', 'जन-आकांक्षा', 'समकालीन त्रिवेणी', 'पाखी', 'सबलोग', 'रचना उत्सव', 'आईडियासिटी', 'नव किरण', 'मानस', 'विश्वरंग संवाद', 'पूर्वांगन', 'हिंदी कौस्तुभ', 'गाथांतर', 'कथाक्रम', 'कथारंग', 'देशज', 'पक्षधर', 'परिकथा', 'ककसाड़', 'समय की साखी', 'आर्यकल्प' आदि प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रमुखता से प्रकाशित एवं दर्जन भर से ऊपर संपादित पुस्तकों में रचनाएँ प्रकाशित हैं। पुस्तकें शीघ्र प्रकाशित होंगी।
प्रकाशनाधिन पुस्तक : 'तुम्हारी संतानें सुखी रहें सदैव' (लम्बी कविताएँ), 'दुःख दर्शन' (लम्बी कविताएँ), 'कल्कि'( बहुजन खंडकाव्य), 'अंबेडकरगाथापद' (महाकाव्य), 'नारी' (लघु महाकाव्य), बहुजन महापुरुष और महापुरखिन
काव्यपाठ : अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय काव्यगोष्ठियों में कविता पाठ।
सम्मान : अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवॉक विश्वविद्यालय की ओर से "प्रथम सुब्रह्मण्यम भारती युवा कविता सम्मान - 2021" , "रविशंकर उपाध्याय स्मृति युवा कविता पुरस्कार-2022", हिंदी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ओर से "शंकर दयाल सिंह प्रतिभा सम्मान-2023", "मानस काव्य श्री सम्मान 2023", "शब्द शिल्पी सम्मान 2025", "महावीरप्रसाद ‘विद्यार्थी’ स्मृति शब्द संधान सम्मान 2025", "साहित्य का सार्थवाह सम्मान 2025" एवं अनेकानेक साहित्यिक संस्थाओं से प्रेरणा प्रशस्तिपत्र प्राप्त हुए हैं।
संप्रति : मानद महास्थविर, बौद्ध महाविहार खजूरगाँव
संस्थापक : १). ग्राम ज्ञान संस्थान, २). दिव्यांग सेवा संस्थान गोलेन्द्र ज्ञान एवं ३). छत्रपति शाहूजी महाराज शोध संस्थान
संपर्क :
डाक पता - ग्राम-खजूरगाँव, पोस्ट-साहुपुरी, तहसील-मुगलसराय, जिला-चंदौली, उत्तर प्रदेश, भारत।
पिन कोड : 221009
व्हाट्सएप नं. : 8429249326
ईमेल : corojivi@gmail.com
(दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए अनमोल ख़ज़ाना)
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